Thursday, September 9, 2021

इलखी बिलखी की कहानी

एक गरीब ब्राह्मण की लड़की थी सब लड़कियां साथ में रहती थी चैत का महीना आया गणगौर का दिन आया और सबने एक साथ उपवास
करना शुरू किया सब लड़कियां उस गरीब ब्राह्मण की लड़की को रोज अपने घर ले जाकर जीमाती थी अब चार-पांच दिन बाद उसके ऊपर जीमाने
की बारी आई तब सब लड़कियों ने पूछा तो कई जिम आवेगी अब वह घर गई और मां से बोली कि सब लड़कियों के जीमानो
 क्योंकि इतना दिन में सबका यहां जिमी तब मां
 बोली कि अपन तो बहुत गरीब है लड़की बोली नहीं मां

 तो सब लड़कियां मारी हंसी उड़ाई इस प्रकार मां बेटी रात भर विचार करती करती सो गई
तो रात को सपने में ईश्वर गोरा

आए और
मानवी सूत नहीं हूं जाग रही हूं ईश्वर

श्
 देव बोला कि तू चिंता मत कर देंगे उसके बाद थारा घर का कोना देखिए जैसे जैसे दिन होगी और लड़की उठकर देखें तो घर का कोना हीरा मोती से भरा है और लड़की बोली कि मैं तो सबके जीने को बोलूं और मां तू एक हीरो ले जाकर बाजार से सामान लिया मां जल्दी से बाजार से सामान लाए और सब रसोई बनाई सब लड़कियां जीने आए तो दे दे क्योंकि इसका पास तो बहुत ठाट बाट है सब लड़कियां ने उससे पूछो कि कल तक तो थारा घर पर कोई भी नहीं तो रात भर में इतना धन कहां से आए हो तो वह बोली कि मारे तो ईश्वर गोरा दिल टूटिया ईश्वर गोरा उस लड़की के टूट के टूट जाए तो पूरी करो पूरी हो तो


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